हां मै क्रोध हूँ
जहाँ जाता हूँ उसे बर्वाद कर देता हूँ
घर में क्रोध की आग से आग जलता है
क्रोध में ही खाना पकता है
हां मै क्रोध हूँ
सामने वाले को कुछ नहीं समझता
बड़ा छोटा का भेद-भाव भी नहीं जानता
अपने इस क्रोध से सामने वाले को जलाता हूँ
और खुद भी जलता हूँ.
मुझ से ही अहंकार का भी जन्म होता हैं
हां मै क्रोध हूँ

मै वह आग हूँ जो सामने वाले के साथ साथ खुद को भी जला देता हूँ.....

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