स्टीफन हॉकिंग आज हमारे बीच नहीं हैं


ब्रह्मांड का जन्म एक महाविस्फोट के परिणामस्वरूप हुआ। इसी को महाविस्फोट सिद्धान्त या बिग बैंग सिद्धान्त कहते हैं

उन्होंने ब्रह्मांड को समझने में अपनी भूमिका निभाई थी और ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में भी उन्होंने अहम योगदान दिया था. इसी बीच जानते हैं आखिर उनकी बिग बैंग थ्योरी क्या है?
 बिग बैंग थ्योरी ब्रह्मांड की रचना की एक वैज्ञानिक थ्योरी है. इस थ्योरी में यह बताने की कोशिश की गई है कि यह ब्रह्मांड कब और कैसे बना? स्टीफन हॉकिंग ने इस थ्योरी को समझाया था. इस थ्योरी के अनुसार करीब 15 अरब साल पहले पूरे भौतिक तत्व और ऊर्जा एक बिंदु में सिमटी हुए थे. फिर इस बिंदु ने फैलना शुरू किया. बिग बैंग, बम विस्फोट जैसा विस्फोट नहीं था बल्कि इसमें, प्रारंभिक ब्रह्मांड के कण, समूचे अंतरिक्ष में फैल गए और एक दूसरे से दूर भागने लगे...
इस सिद्धांत का श्रेय ऐडविन हबल नामक वैज्ञानिक को जाता है जिन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड का निरंतर विस्तार हो रहा है. जिसका मतलब ये हुआ कि ब्रह्मांड कभी सघन रहा होगा. हालांकि इससे पहले क्या था, यह कोई नहीं जानता. हॉकिंग ब्रह्मांड की रचना को एक स्वतः स्फूर्त घटना मानते थे. हालांकि, प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन मानते थे कि इस सृष्टि का अवश्य ही कोई रचयिता होगा, अन्यथा इतनी जटिल रचना पैदा नहीं हो सकती.
स्टीफन हॉकिंग ने बताया कि बिगबैंग के पहले 'समय' का भी अस्तित्व नहीं था. बिगबैंग के पहले की दुनिया को लेकर स्टीफन हॉकिंग ने एक काफी नया विचार इस रखा है जो चौंकाने वाला है. उनका कहना है कि बिगबैंग के पहले टाइम यानि समय का भी कोई अस्तित्व नहीं था. वो कहते हैं कि आइंस्टाइन के सिद्धांत के मुताबिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति के समय संसार में मौजूद सभी भौतिक पदार्थ और ऊर्जा बहुत ही छोटी जगहों पर केंद्रित थी, लेकिन उनकी यह थ्योरी बिगबैंग के पहले और बाद की कंडीशन के बीच कोई गणितीय लिंक नहीं बताती.
स्टीफन हॉकिंग आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके जाने के बाद उनकी प्रेरणादायक बातें जरूर हम सभी के जहन में रहेंगी...

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