इंसानियत की बस्ती है इस शहर में


कुछ लोगों का एहसान बहुत है इस शहर में
इंसानों को इंसानियत से पहचान बहुत है इस शहर में
कुछ गिराते है दलदल में
पर उठाने वालों का हाथ बहुत है इस शहर में
वक़्त पे धोखा देते है कई लोग
वक़्त पे काम आने वाले इंसान भी बहुत है इस शहर में
अपने भी बेघर कर देते है इस शहर में
बसाने वाले भी बहुत है इस शहर में
अपने भी पराए हो जाते है इस शहर में
गले लगा के अपना बनाने वाले भी बहुत है इस शहर में....

हां इंसानियत की बस्ती है इस शहर में..
                                                                     

You May Also Like

0 comments