शिक्षा को महत्व दे





                 
                                      आज लोग इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के इस युग में  माइक्रोसॉफ्ट और एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम (Google) को तो जानते ही है यह आज के इस दौर में सबसे महत्वपूर्ण कंपनी में से एक है......जहा गूगल के CEO सुन्दर पिचय है  वही अभी भारतीय मुल्क के सत्या नडेला  माइक्रोसॉफ्ट के CEO हैं, वही Adobe System के CEO सांतानु नारायण हैं.
आज इस शहर को बहुत कुछ मिला 5 साल के बाद इस शहर का नाम विश्व के नक़्शे में होगी, क्योंकि यहाँ दिल्ली के AIIMS के बराबर Medical College खुलने वाली है. Engineering College खुल चुकी है जो फिलहाल अभी S.N.P.M हाई स्कूल परिसर में है और आने वाले वक़्त में Medical College के पास होने वाली .आने वाले वक़्त में रेल इंजन कारखाना भी खुल रहा है.
यह बदलाव कोई मामूली बदलाव नहीं है बल्कि आने वाले दशकों में यह इतिहास की एक नई ऊँचाई को छुने की पहली सीढ़ी मालुम पडती है, आप सोच कर देखिये की क्या किसी बड़े शहर को इतना बड़ा सौगात मिला है...
        लेकिन जब हम मधेपुरा वासियों को अगर ये मिला है तो क्या हम इसके लिए तैयार है....खुद को पहचानिये और आज से ही कुछ अच्छा करने के लिए, आसमान को छुने की चाहत लेकर इसकी तैयारी में लग जाए....
अगर कोटा में पढ़ के कोई IAS,IPS,Doctor, Engineer,बन जाता तो आज पुरे भारत में सबसे ज्यादा IAS,IPS, Doctor, Engineer कोटा का ही रहता लेकिन नहीं....
महत्वपूर्ण वह नहीं की हम कहा पढ़ रहे है महत्वपूर्ण यह है की हम क्या पढ़ रहे है आज हमारे भारतीय विश्व के सबसे बड़ी कंपनियों में अपना एक अलग पहचान बना रही है क्यों की उन्होंने शिक्षा को महत्व दिया. 
अमेरिका की सिलिकॉन वैली में काम करना हर एक आईटी प्रोफेशनल का सपना होता है. सिलिकॉन वैली को दुनिया का आईटी हब कहा जाता है जहाँ पर दुनिया की 70% आईटी कंपनियां काम करती है पर आपको जानकर हैरानी होगी की यहाँ पर काम करने वाले कुल 8% टेक्नीशियन भारत के है लेकिन स्टार्टअप करने वाली कंपनियों में 17% भारतीय है जो भारत के लिए गर्व की बात है. इसलिए कहा जाता है की आईटी में भारतीयों का अब दुनिया में दबदबा बढ़ रहा है. जब सिलिकॉन वैली में इतने भारतीय है तो स्वाभाविक है की वहां पर भारतीय सफल भी हुए हो तो आज हम आपको बता रहे है उन बड़े प्रोफेशनल्स के बारे में जिन्होंने सिलिकॉन वैली में स्थित टॉप आईटी कंपनियों में ऊँचा शिखर पाया है.
 पदमश्री वारियर
1961 में भारत के विजयवाडा में जन्मी पदमश्री वर्तमान में सिस्को सिस्टम्स की चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर है। दिल्ली के आईआईटी से ग्रेजुएट पदमश्री ने अपने करियर की शुरुआत मोबाइल कंपनी मोटोरोला से की जिसमे उन्होंने 23 वर्ष तक काम किया था। आज पदमश्री सिलिकॉन वैली में सबसे सफल महिलाओं में से एक है जो किसी कंपनी में सबसे ऊँचे पदों पर है।

विनोद खोसला

सन माइक्रोसिस्टम्स कंपनी जिसका Java DB  MySQL,Oracle इत्यादि सोफ्ट्वेयर के को-फाउंडर विनोद खोसला सिलिकॉन वैली में एक अन्य प्रसिद्ध भारतीय है जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही सिलिकॉन वैली से की है। भारत की राजधानी दिल्ली में जन्मे खोसला आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट है।1980 में उन्होंने में मास्टर डिग्री के बाद उन्होंने दो साल के भीतर अपने दो और अन्य साथियो के साथ सनमाइक्रोसिस्टम्स की स्थापना की।

रूचि संघवी

रूचि संघवी पहली महिला थी जिन्हें सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने प्रोडक्ट मेनेजर के तौर पर नौकरी दी थी। फेसबुक के न्यूज़ फीड के निर्माण में रूचि संघवी की ही मेहनत है। 2011 में रूचि ने फेसबुक छोड़ कर अपने कोव नाम से कंपनी बनाई जिसे ड्रापबॉक्स ने खरीद लिया था।

दीपक आहूजा

टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनी सिलिकॉन वैली में एक जानी पहचानी कंपनी है। दीपक आहूजा ने फोर्ड कंपनी में कई सालो तक काम करने के बाद टेस्ला को ज्वाइन किया था जिसके बाद कंपनी ने नयी उंचाइयो को छुआ। बनारण हिन्दू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट आहूजा ने 1993 में अमेरिका का रुख किया। 2015 में आहूजा ने टेस्ला को छोड़ने की घोषणा कर दी जो इलेक्ट्रिक कार इंडस्ट्री में क्रांति लाने वाली कंपनियों में शुमार है.
यहाँ इन लोगों का नाम इसलिए लिया गया की ये अपने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किये... आप भी कर सकते है बस जरुरत है लगन,मेहनत और सही मार्गदर्शन की...तो चले आज से ही खुद को बदले….




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