अब साइबर क्राइम को लेकर सख्त कानून हो रहा है


‘ साइबर बुलिंग’, यानि गंदी भाषा, तस्वीरों या धमकियों से इंटरनेट पर तंग करना किसी के नाम से फेक फेसबुक बनाना आम होती जा रही है
पहला तो सेक्शन 509 कहता है कि शब्द या गतिविधि या संकेत अगर महिलाओं की मॉडेस्टी को भंग करता है तो इसके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है. ये बुलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्दों पर भी लागू होता है. क्योंकि महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपराध है. सेक्शन 66 ए का क्लाज़ बी बुलिंग के लिए ठीक बैठता है. ये कानून इंटरनेट से जुड़े क़ानूनों का हिस्सा है. इनमें तीन साल तक की सज़ा होती है. कई बार पुलिस को इन कानूनों के बारे में पता नहीं होता है. ऐसे में प्रिंटआउट लेकर जाएं और उन्हें दिखाएं...
अब साइबर क्राइम को लेकर सख्त कानून हो रहा है
भारत में भी साइबर क्राइम मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. सरकार ऐसे मामलों को लेकर बहुत गंभीर है. भारत में साइबर क्राइम के मामलों में सूचना तकनीक कानून 2000 और सूचना तकनीक (संशोधन) कानून 2008 लागू होते हैं. मगर इसी श्रेणी के कई मामलों में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), कॉपीराइट कानून 1957, कंपनी कानून, सरकारी गोपनीयता कानून और यहां तक कि आतंकवाद निरोधक कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है.
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http://cyberlawsindia.net

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